Haunted Hotel Horror Story Hindi: Bhootiya Hotel Kahani

Haunted Hotel Horror Story Hindi 2022 | होटल हॉरर स्टोरी हिंदी 2022 का अंश: मुझे केवल कमरे की डस्टिंग और वैक्यूमिंग करनी थी। जब मैंने अपना काम शुरू किया, तो मुझे थोड़ा चक्कर, मिचली और सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। मैं तुरंत ही अपनी कार्ट के पास चला गया और अपनी बोतल से पानी की एक घुट (सिप) पी। इस बार, मैंने देखा की लिविंग रूम में खिड़कियों पे लगे हुए पर्दे हवा से उड़ रहे थे।...

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....दोस्तों इस Hotel Horror Story Hindi 2022 को लास्ट तक जरुर पढ़ें क्यूंकि यह एक बहुत इंट्रेस्टिंग और सच्ची डरावनी भूतिया होटल की स्टोरी है | अइ होप की आपको यह Real Hotel Horror Kahani जुरूर पसंद आएगा...



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Presidential Suite Scary Hotel Hindi Story


Haunted Hotel Horror Story Hindi: Presidential Suite
होटल हॉरर स्टोरी हिंदी: प्रेसिडेंशियल सुइट 


जू 2017 में, मुझे अपने पांच महीने के सेमेस्टर इंटर्नशिप के लिए उत्तर प्रदेश के आगरा जाना पड़ा।


इस कहानी की शुरुआत एक होटल में हुई इस छोटी सी घटना से हुई, जहां मैंने अपनी इंटर्नशिप शुरू की थी। यह होटल भी अन्य बड़े आलीशान होटलों के साथ फतेहाबाद रोड पर स्थित है। इसके अलावा, वहां इंटर्नशिप करते हुए यह मेरा दूसरा महीना था और मैंने 1 जुलाई को होटल के हाउसकीपिंग डिपार्टमेंट में काम करना शुरू कर दिया था। 


मेरा हर दिन सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक एक ही शिफ्ट होती थी। लेकिन उस दिन कुछ ज्यादा काम था  और मेरे साथ उस शिफ्ट में 3 लोगों को छोड कर बाकी सभी छुट्ठी पर थे  और कम लोगों के काम करने के कारण मुझे शाम 5:30 बजे तक शिफ्ट में रहने का निर्देश दिया गया था।


मुझे होटल के तीसरे विंग की ऊपरी मंजिल पर सीनियर गेस्टरूम अटेंडेंट के साथ काम करने के लिए बोला गया,  उस विंग के अंदरूनी हिस्से की बनावट ई-आकार का था। मुझे मेरे सीनियर ने उस मंजिल के आखिरी तीन कमरों को साफ करने का निर्देश दिया, जो की सुइट रूम्स थे; उनमें से एक प्रेसिडेंशियल सुइट था। 


मैंने रूम के एंटरी डोर पर अपनी हाउसकीपिंग कार्ट के साथ इंटर किया। वह प्रेसिडेंशियल सुइट उस होटल का सबसे बड़ा कमरा था, और सबसे बड़ा कमरा होने के कारण उसका लेआउट कुछ अलग था, उसके दाहिनी ओर दो बेडरूम का एंट्री था और साथ ही वहां से पूरे रहने की जगह को देखा जा सकता था और बाएं मुड़ते ही डाइनिंग स्पेस था। 


मुझे केवल कमरे की डस्टिंग और वैक्यूमिंग करनी थी। जब मैंने अपना काम शुरू किया, तो मुझे थोड़ा चक्कर, मिचली और सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। मैं तुरंत ही अपनी कार्ट के पास चला गया और अपनी बोतल से पानी की एक घुट (सिप) पी। इस बार, मैंने देखा की लिविंग रूम में खिड़कियों पे लगे हुए पर्दे हवा से उड़ रहे थे। मैंने कमरे के निकास के सामने शीशे में देखा, जहाँ मैं खड़ा था। मैंने सामने लगे सीसे में देखा तो वहांऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा था, कोई पर्दा नही उड़ रहा था, तभी मुझे उस मिरर में ऐसा दिखा जैसे कोई दौड़ा और जाकर खुद को पर्दे के पीछे खुद को छिपा लिया हो। मुझे फिर लगा कि यह सिर्फ मेरी कल्पना है या मेरे तबियत ठीक नही होने के कारण ऐसा लग रहा।


कुछ देर बाद जब मुझे अच्छा फील हुआ तो मैं वापस बेडरूम के अंदर चला गया और फिर से मेरे दिल में भारीपन महसूस होने लगा। मैं इसे अपने थके हुए दिमाग की एक कल्पना के रूप में मान कर छोड दिया, और फिर किचन की ओर बढ़ गया। तभी मेरी नजर मेरे राईट हैण्ड पे गयी, मैंने देखा की मेरे राईट हैण्ड पर रोंगटे खड़े हो गये हैं। 


उस रसोई के अंदर मैं डिशवॉशर के पास कुछ अलग सा महसूस कर पा रहा था। इस बार, मैंने अपना बायां हाथ चेक किया, और इसमें भी मुझे रोंगटे खड़े दिखाइ दिए। मुझे लगा कि मैं बहुत थक चूका हूँ या शायद मेरी तबियत ख़राब है इसलिए मुझे ऐसा फील हो रहा। मैं कमरे के भीतर सभी जगहों पर धूल झाड़ता रहा और घूमते हुए काम करता रहा। फिर मैंने अपने काम की गति बढ़ा दी और दुसरे बेडरूम के अंदर घुस गया। इस बार, मुझे लगा जैसे कोई मेरे बगल में है और सीधे मुझे देख रहा है। यह फील होते ही मैं उस ओर मुड़ा पर वहां कोई नहीं दिखा।


लेकिन मुझे जल्दी से और अच्छे से काम करना था। इसलिए मैं जल्दी से अपने कार्ट के पास गया, और तब मुझे एहसास हुआ कि जब भी मैं दरवाजे के बाहर खड़ा होता हूं तो मुझे बेहतर फील होता है। मैंने फिर भी जल्दी से वैक्यूम क्लीनर लिया और अपना आखिरी काम को जल्द से जल्द खत्म करने का फैसला किया। जब मैंने कमरे को वैक्यूम क्लीनर से साफ करना शुरू किया, तो मुझे लगा कि कोई व्यक्ति लिविंग रूम के ठीक बीच में खड़ा है और मुझे देख रहा है। यह देखते हुए भी मैं वहां साफ़ करते रहा। जब मैंने फिर से किचन में गया, तो मुझे फिर से वही ठंड महसूस हुई और मेरे रोंगटे खड़े हो गये। 

किचन को जैसे-तैसे वैक्यूम कर जब मैंने बेडरूम के अंदर प्रवेश किया, तो मुझे लगा कि कुछ सेकंड के लिए कोई मेरा गला घोंट रहा है। मेरी सांस फूल गई और मैं हांफने लगा। मुझे अचानक लगा कि कोई मेरे कंधे पर टैप किया।

बस कुछ ही देर में मेरा हाउसकीपिंग सीनियर्स वहां आ गया और जब वह आया तो मैं उसे को इतनी राहत के साथ देखा की मेरे सीनियर ने मुझे चिंता से देखा और मुझसे पूछा कि मैं ठीक हूं न। 

मैंने यह कहते हुए जवाब दिया कि मैं ठीक हूं। उसने जल्दी से मेरे हाथ से वैक्यूम क्लीनर लिया और बहुत ही ज्यादा तेजी से वैक्यूम किया। फिर उसने मुझसे एक बात कही, कि कभी भी इस कमरे में अकेले काम नहीं करना।

मैंने कहा कि, "लेकिन मेरे सीनियर ने मुझे इन आखिरी तीन कमरों में काम करने के लिए कहा।" उसने कहा कि वह उस लड़के से बात करेगा और जल्दी से प्रेसिडेंशियल सुइट का दरवाजा बंद कर दिया।


हम हाउसकीपिंग पेंट्री जो की ग्राउंड फ्लोर पे है वहां गया। फिर उस हाउसकीपिंग सीनियर ने मुझसे पूछा कि क्या मैंने वहां कुछ देखा या कुछ महसूस किया। मैंने उसे  देखा और हाँ में सर हिला दिया। तभी मेरे साथ काम करने वाले पेंट्री के अंदर घुसे और मुझे देखा। उन्होंने देर से आने और सूट के अंदर मेरी मदद नहीं करने के लिए सॉरी कहा। फिर उन दो लोगों ने मुझे दो घटनाएं बताईं जो पिछले कुछ वर्षों में उस कमरे के अंदर हुई थीं।


2009 में, अपने दो बच्चों के साथ एक कपल ने रोटरी टेबल इंडिया क्लब सम्मेलन में  हिस्सा लेने आये थे और उन्होंने उसी रूम में चेक इन किया था। शाम के कांफ्रेंस डिनर में शामिल होने के बाद रात में पत्नी की हत्या कर दी गई। उसके पति द्वारा घरेलू स्तर पर प्रताड़ित किए जाने की अफवाहें थीं। जब यह घटना हुई तब उसके पति और बच्चे दोनों कमरे में नहीं थे और बाद में जांच की गई। बाद में इसे आत्महत्या का मामला मानकर खारिज कर दिया गया।


दूसरी घटना उस घटना के कुछ महीने बाद हुई। दो इंटर्न थे जो नवंबर के दौरान हाउसकीपिंग डिपार्टमेंट में शाम के समय काम कर रहे थे। जब इंटर्न गेस्ट रूम से बाहर निकलने वाले थे, तो उनमें से एक ने देखा कि एक छाया उस रूम के बिच में खड़ी है जो सीधे उसे ही देख रही है। वह उस छाया की क्रोध भरी आँखों को पीछे मुड़कर देखने के अलावा कहीं भी नहीं देख पा रहा था, वह इस घटना से काफी डर ​​गया था। जब वह वहां से बाहर आया, तो वह अपनी कार्ट को पीछे छोड़कर विंग से बाहर भाग गया। जब उन्होंने यह घटना उस शिफ्ट के हाउसकीपर इंचार्ज को बताई तो सीनियर तक के होश उड़ गए। वे कार्ट को नीचे लाने के लिए वापस गए पर वहां कुछ भी नहीं दिखा। लेकिन वहां उन्होंने एक अलग सी बेचैनी महसूस की। बाद में, इंटर्न ने होटल में अपनी इंटर्नशिप पूरी नहीं की और किसी दूसरी होटल में चला गया।


तो इन दो घटनाओं के बाद बहुत से ऐसे मामले सामने आए हैं जहां बहुत सारे मेहमानों को कमरा दिया गया था। लेकिन उनमें से ज्यादातर ने शिकायत की कि एसी बंद होने और सेंट्रलाइज्ड हीटर चालू होने के बावजूद उन्हें कमरे के अंदर हमेशा ठंड महसूस होती है। लोगों ने रात में कमरे के अंदर कदमों की आहट और चीख-पुकार सुनी थी, तब भी जब सभी सो रहे थे।


मेरे सीनियर्स ने मुझे बताया कि जब भी उस कमरे को साफ़ करना होता है तो, हमेशा 3-4 हाउसकीपर एक साथ  उस कमरे में काम करते है। सीनियर, जो अपने सहयोगी की तलाश में ऊपर आया और मुझे देखा, उसने कहा कि अगर आपको कुछ महसूस हुआ तो डरने की जरुरत नहीं है। वहां उस कमरे में बहुत से लोगों ने हमेशा कुछ सुना या देखा है। 

मुझे नहीं पता कि मैं इस पर विश्वास करूं या नहीं, क्योंकि मैं इसे अपनी थकान के कारण घटी घटना मानता हूँ। लेकिन कौन जाने... शायद वहां ऐसा कुछ था जो मुझे नुकसान पहुँचाने वाला था, लेकिन मैं बच गया।


वह क्या हो सकता है, उसकी संभावनाएं:

1. इंडिया के हर होटल में एक न एक भुतिया घटना होता है और हर एक होटल का कम से कम एक रूम तो डरावना और भुतिया होता ही है, ऐसा हम बचपन से सुनते आ रहे। हो सकता है की यह कहानी भी कुछ वैसी ही हो और यह सिर्फ ऐसे ही सुनाने के लिए और डराने के लिए बनाई गयी हो और इसमें कोई सच्चाई नहीं हों।


2. यह हो सकता है की रूम में अच्छे से एयर सर्कुलेशन नहीं होने के कारण या रूम के ज्यादा डस्टी होने के कारण उसकी सासें फूल रही हों और तबियत ख़राब, थकान के कारण दिमाग में कुछ भ्रम पैदा हो रहा हो और ऐसा भी बहुत बार होता है की कम लाइट और खराब एयर सर्कुलेशन के कारण कोई खास जगह पर नेगेटिविटी ज्यादा होती है। और इन सब कारण के फैक्टर इन होने कारण ऐसा कुछ फील हो रहा हो।


3. या ये भी हो सकता है वहां जो भी हो रहा था वह कोई भ्रम नहीं था, और वहां के जो सीनियर्स कह रहे थे वह बिलकुल सच था और वह शक्ति इस दुनिया से नहीं थी।


आपके दृष्टिकोण में वह क्या हो सकता है, हमारे साथ शेयर करना न भूलें, पढ़ने के लिए धन्यवाद। 


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अस्वीकरण (Disclaimer:): Hotel Horror Story Hindi: Presidential Suite यह मेरी कहानी नहीं है, यह कहानी हमारे एक रीडर के द्वारा भेजी गयी है, और यह घटना उनके साथ ही एक होटल में काम करने के समय घटित हुआ था और मैं केवल वही बता रहा हूं जो उन्होंने मुझे बताया था।


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Team Hindi Horror Stories


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