Kahani Maut Ki Devi Ki :: सेंट डैथ [ मौत की देवी ]


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Maut Ke Devi Ke Upasak Hindi Kahani

Kahani Maut Ki Devi Ki: Saint Death
कहानी मौत की देवी की : सेंट डैथ


संसार के दूसरे सबसे बड़े कैथोलिक देश मैक्सिको में राजनेता, अफसर, नशेड़ी, अपराधी तक ‘मौत की देवी' की शरण में जाते हैं। मौत की देवी यानी सेंट डैथ। 

मेक्सिको के तीपितो जिले में स्थित सेंट डैथ की कब्र पर, बुरी नजर से बचने के लिए सभी रंगीन मोमबत्तियां, सिगरेट और शराब चढ़ाते हैं। श्रद्धालुओं में स्त्रियां भी हैं।


सेंट डैथ की तस्वीर आदमकद कंकाल जैसी है। सिर पर लम्बे बालों का विग है, हड्डियों की उंगलियों में सोने की अंगूठियां हैं और चारों तरफ अलग-अलग करेंसियों के सिक्के फैले हैं।


मैक्सिको की गली में खड़ा सामान बेचते हॉकर रोर्बेटो गुटिरेज ने एक विदेशी संवाददाता को बताया- 'मैंने सेंट डैथ से काम-धंधे की खुशहाली चाही और बुरे ख्यालों से दूर रखने की प्रार्थना की और मुझे तुरन्त मिल भी गई।' कहते-कहते उसने अपना पर्स खोलकर सेंट डैथ की तस्वीर दिखाई। वह प्रतिदिन प्रातः सेंट डैथ की समाधि पर प्रार्थना करने जाता है। सेंट डैथ के तमाम भक्तों की तरह उसने भी भगवान से मौत को पूजने की आज्ञा मांगी थी। वह कहता है- 'पहले भगवान है, फिर मौत के सीन।'


सेंट डैथ की तस्वीर के समक्ष भक्त फल, सब्जी और फूल ही नहीं बल्कि दारु-भरे जाम और अधजली सिगरेट भी चढ़ाते हैं । कुछ तो सुलगती सिगरेट के धुएं को कब्र के ऊपर हवा देते हैं। हू-ब-हू वैसे जैसे सामान्य भक्त धूप-अगरबत्ती से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं। कब्र की देख-रेख में जुटे एंटिक्वेटा रोमेटो का कहना है- 'ऐसा करने में उन्हें आनन्द आता है। क्योंकि उन्हें तम्बाकू की गंध बहुत पसंद


सेंट डैथ पावन स्थल के सामने से आते-जाते वाहनों में सवार लोग दूर से ही नत्मस्तक होते हैं और भक्त भी कैसी-कैसी मन्नतें मांगते हैं। 

कुछ मांगते हैं- 'हे संत! आज रात मेरी रक्षा करना। मैं किसी निर्दोष का अपहरण करने जा रहा हूं' ऐसी एक से बढ़कर एक अनूठी मन्नतों का प्रकाशन मैक्सिकन लेखक-कवि रोमेटो ऐटिडजी ने अपने कथा-संग्रह ‘सेंट डैथ' में किया। रोमेटो ऐटिडजी का प्रथम कथा प्रसंग एक नामी नेता की जन्मदिन पार्टी पर केंद्रित है। नेता का नाता नशे की दुनिया से है। पार्टी के दौरान, पूर्व सौन्दर्य सुंदरी ने मेहमानों का स्वागत दारू और कोकीन से किया। यहीं प्रथम बार लेखक को अनुभव हुआ कि मैक्सिको की प्रसिद्ध हस्तियां सेंट डैथ की भक्त हैं।


कहा जाता है कि मैक्सिको के लोगों का मौत से अनजाना नाता रहा है। प्राचीन संस्कृति भी मौत के देवता मिकतलेंगचिल्ली की पूजा करते रहे हैं। तर्क दिया जाता है कि सामूहिक आत्महत्याएं आवश्यक हैं, ताकि मौत के देवता को भोग लगते रहें और जीवन-लीला जारी रहे। यही नहीं, पेक्सिको में प्रति वर्ष नवम्बर में डे ऑफ दा डैथ' (मृत्युदिवस) के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए पाठ और भोजन की व्यवस्था की जाती है। 


उधर रोमन कैथोलिक मान्यता के अनुसार प्रति वर्ष 2 नवम्बर को 'ऑल सोल्स डे' (सभी आत्मा दिवस' मनाया जाता है। उस दिन वफादार दिवंगतों के लिए प्रार्थनाएं की जाती हैं। लेखद रोमेटो ऐटिडजी की राय में, सेंट डैथ कैथोलिक चर्च और कोलम्बिया पूर्व मौत की पूजा के विधि-विधान के अनुरूप ही है।


अमेरिका और यूरोप के कई देशों में भी सर्दियों के आरम्भ में, मृतकों के लिए हैलोवीन' नामक उत्सव मनाया जाता है। पिछले एक दशक से, मैक्सिको में सेंट डैथ की बढ़ती मान्यताओं से पुरानी सोच फिर जाग्रत हो गई है। 35 वर्षीय गंजा टैक्सी ड्राइवर रुबिन विलेगैस बताता है- 'सेंट डैथ संतों के जैसा ही हैं। संत करिश्माई तो होते हैं" ड्राइवर सेंट डैथ को इस हद तक मानता है कि उसने सिर पर सेंट डैथ के टैटूज गुदवा रखे हैं। हाल ही में, उसकी कैंसर पीड़ित बहन सेंट डैथ की कब्र पर प्रार्थना करने से स्वस्थ हो गई थी। तभी से उसकी सेंट डैथ पर आस्था बढ़ी। उसकी टैक्सी के रिव्यू मिरर से लटकता है सेंट डैथ का कटआउट । उसकी चाबी के छल्ले पर भी सेंट डैथ की तस्वीर है और गर्दन में लटके हैं तीन पेंडेंट।


प्रत्येक माह की पहली तारीख को सेंट डैथ की कब्र पर भक्तों के मेले लगते हैं। कंकाल देवी की आस्था दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। भक्त अलग-अलग रंग की मोमबत्तियां अलग-अलग मन्नतों के लिए जलाते हैं-प्यार के लिए लाल, सुरक्षा के लिए सफेद और शत्रु-दमन करने के लिए काली। सेंट डैथ के पवित्र स्थल पर भक्तों का रात-दिन मेला लगा रहता है।


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..... Kahani Maut Ki Devi Ki: Saint Death [ Ends Here ] .....

Team Hindi Horror Stories


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