Horror Stories in Hindi: Mysterious Night!!! - Hindi Horror Stories - सच्ची घटना पर आधारित सबसे डरावनी कहानियाँ

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Monday, 1 October 2018

Horror Stories in Hindi: Mysterious Night!!!

दोस्तों आज आपके लिए  एक horror story Hindi में  ले के आया हूँ | मुझे आशा है की आपको यह horror story in hindi  जरुर पसंद आएगा | यह एक छोटी सी कहानी है लेकिन यह horror story आश्चर्यजनक है। मैंने इसे कहीं पढ़ा है, और मैंने इसे अपने शब्दों में लिखा है | यह intresting Hindi Horror Story को अंतिम तक जरुर पढ़ें |

Horror Stories in Hindi: Mysterious Night!!!

Horror Stories in Hindi Mysterious Night!!!
hindi horror stories- Mysterious Night!!!


यह मेरा पहला नौकरी का पोस्टिंग था, जो की Indore के छोटे से गावं में था। मैंने एक कमरे का घर किराए पर लिया। मैं जहाँ रह रहा था, वह लगभग एक गांव था | मुझे सुबह 9 बजे अपने office पहुंचने के लिए सुबह 7 बजे बस लेनी पड़ती थी। वहां गावं के बगल में एक हाईवे है , उस हाईवे के दोनों ओर किनारे पर बड़े-बड़े खेत थे और मुझे highway तक पहुचने के लिए खेत को क्रॉस करके जाना पड़ता था | जिस रास्ते से मैं जाता था उस रास्ते में एक दो घर थे, जो की बहुत ही जर्जर हालात में थे।

उस खेत को पार करने के बाद कुछ 100 लोगों का छोटा सा  समुदाय रहता था या इसे एक छोटी सी कॉलोनी कह लीजिये। मेरा किराये का घर भी उसी कॉलोनी मैं था। यहाँ अधिकांश घर झोपड़ियों जैसा दिखते थे, कुछ घर सीमेंट के थे लेकिन वो लगभग ख़राब हो चुके थे, मैं  उन्ही में से एक सीमेंट के घर में रहता था।

आधुनिकीकरण अभी इस गावं के लिए एक बहुत दूर सपना था, वहां बेसिक फैसिलिटी भी नहीं के बराबर थी।

सुबह 6:00 बजे उठकर, 8:30 बजे तक तैयार हो कर , मैं बस स्टॉप तक पहुंचने के लिए जो की हाईवे पे था, लगभग नेक्स्ट 30 मिनट तक खेत में चलता था। मैं ऑफिस से घर वापस लगभग 9 बजे रात में आया करता था।
हर दिन मुझे अपने घर वापस जाने के लिए वह बड़ा सा खेत को क्रॉस करना पड़ता था, उसी रास्ते में एक छोटा झोपड़ी थी, जिसके दरवाजे पर हर दिन एक महिला खड़ी रहा करती थी।वहां  एक धीमी रौशनी देता हुआ  लालटेन जलते रहता था। यह घर उस रस्ते से लगभग 50 गज की दूरी पर था जहां से मैं जाया करता था। मैं जब भी ऑफिस से लौट कर आता था, वह लेडी मुझे हर रोज घूरती थी। जैसे मैंने उसे disturb कर दिया हो|

पहले कुछ दिन मैंने उसे नोटिस नहीं किया था। लेकिन कुछ दिन के बाद जब मेरी नज़र उधर गयी तो मैंने उसे देखा और ऐसा एक दिन भी नहीं होगा की उसने मुझे घुरा नहीं हो। उसका उम्र लगभग 30 के आस-पास होगा और मैं 21 वर्ष का था इसलिए यह मेरे लिए असहज था।

पंद्रहवें दिन, जब मैं लौट रहा था तो मैंने उसे अपने रास्ते में खड़ा पाया। मैं चौंक गया! चूंकि यह एकमात्र चलने वाला रास्ता था, मेरे पास उसको क्रॉस करके जाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। मैंने अपने सर को निचे झुका लिया और अपने चलने की गति में वृद्धि कर दिया और पहले से तेज चलने लगा | मैं उसे क्रॉस करके थोडा ही आगे बढ़ा था की तभी अचानक उसने कहा- ज़रा रुकिए गा... (कृपया रोकें)। मैं रुक गया

वह: क्या आप इसे मेरे पिता को दे सकते हैं?
उसने मुझे एक छोटा प्लास्टिक बैग दिया

मैं: लेकिन मैं तुम्हारे पिता को नहीं जानता।

वह: क्या! आप बरगद के पेड़ के पीछे वाले घर में रहते हैं, जिसकी एक खिड़की टूटी हुई है, है ना?

मैं: हाँ, मैं वहीँ रहता हूँ .... लेकिन आप कैसे जानते हो?

वह: मैं कैसे नहीं जानूंगी। मेरे पिताजी ने मुझे बताया है। अच्छा यह सब छोड़िये, कृपया करके इस अचार को लें और आज रात के खाने में इससे मेरे पिताजी को जरुर दें। उन्होंने मुझे बताया कि कल का भोजन उनको बिलकुल भी पसंद नहीं आया।

मैं: आर यू  सीरियस  ... (मैंने एक मुस्कुराहट के साथ कहा) मुझे उम्मीद है कि आप को पता होगा कि मैं अकेला रहता हूं और कल रात के खाने पर मैंने किसी भी व्यक्ति को आमंत्रित नहीं किया था, आपके पिता को भी नहीं ।

वह: ओह सच में! तो जरा मुझे बताइए मुझे कैसे पता चला कि आपने कल रात के भोजन में 3 चपाती, मसूर और गर्म बीटरूट का एक कप सूप लिया था ?

(यह सुन कर मेरा पूरा शरीर सुन हो गया, क्योंकि मैंने कल रात वही चीज़ खाई थी।)

मैं: मुझे नहीं पता कि आपको यह किसने बताया लेकिन मैं जल्दबाजी में हूं और अब मुझे जाना होगा।
(यह कहकर मैं जितनी जल्दी हो सके उतना तेज़ हो गया और उसका आचार लिए बिना वहां से चल पड़ा)

 जैसे ही मैं अपने घर पहुंचा, एक बुजुर्ग आदमी की आवाज आई। "ओह, तुम आखिरकार आ गए, आज रात इतनी देर क्यों हुई?" घर का दरवाजा बंद नहीं था और घर के main गेट पर खड़े एक 70 साल के आदमी ने मुझसे यह सवाल किया।

 मैं जितना जोर से हो सकता था उतने जोर से चिल्लाते हुए बोला, तुम कौन हो!! आपने मेरी सहमति के बिना मेरे घर में प्रवेश कैसे किया!

मेरे खतरनाक स्वर से वह थोड़ा सहम गया, लेकिन वह शांति से मुझसे पूछा, "बेटे तुम ठीक तो हो ? क्या तुम किसी चीज़ से परेशान हो?  चलो अंदर चलकर बात करते हैं।

एक शब्द भी बोले बिना, मैंने पास से कुछ लोगों को बुलाया और उन्हें मेरे घर में आये उस अजीब आदमी के बारे में उन्हें बताया।

यह सब सुनकर एक व्यक्ति ने मुस्कुराते हुए कहा- बेटा ऐसा लग रहा है की आपने आज चड़ा रखा है? आप इनके के साथ कुछ हफ्तों रह रहे हैं, यह Mr. चौबे है और आज आप इन्ही को नहीं पहचान पा रहे है!

और वे सब हँसते हुए वहां से चले गए, उन्हें लग रहा था कि मैं नशे में हूं, लेकिन मैं नहीं था।

मैं उस बूढ़े आदमी को घर के अन्दर आने का परमिशन दे कर उलझन में घर के अंदर चला गया और उसका अन्दर आने का इंतज़ार करने लगा क्योंकि मेरे पास इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं था, मुझे यह जानना था की मेरे साथ यह क्या हो रहा है।

मैंने 15 मिनट इंतजार किया लेकिन वह अन्दर नहीं आया। मैं घर के बाहर गया और घर के चारों ओर देखा, वह वहां से जा चूका था।

मैं फिर से उन लोगो में से एक के घर गया, जिनको  मैंने कुछ देर पहले बुलाया था। मैंने उनके दरवाजे पर नॉक किया।

मैं: क्या आपने Mr. चौबे को कहीं देखा है। वह वहां कुछ देर पहले थे, लेकिन अब वह वहां से चले गए हैं।

वह आदमी : कौन? Mr. चौबे कौन है ?

मैं:  क्या? आपने मुझे अभी ही तो 5 मिनट पहले बताया था कि वह मेरे साथ रहते है, वही चौबे जिसके साथ मैं रहता हूं।

वह: मुझे नहीं पता कि आप किस के बारे में बात कर रहे हैं। मैं पहली बार आज ही आपको देखा हूँ। मैं तो आपको पहचानता भी नहीं हूँ, आप ठीक तो है न?

मैं उलझन में था, मेरे साथ जो भी हो रहा था उसे मैं बिलकुल भी नहीं समझ पा रहा था। क्या मैं कोई सपना देख रहा हूँ? मैंने खुद से सवाल किया।

यह नहीं हो सकता है! मैं अपने पुरे जीवन में कभी भी ऐसी समस्याओं में नहीं रहा हूं। यह बहुत ही  परेशान करने वाला सिचुएशन था। मैं यह सोचते हुए अपने कमरे में वापस लौट आया।

बहुत थके और परेशान होने के कारण, मैं कुछ भी खाए बिना सीधे सो गया।

अगली सुबह, मैं उठा और तैयार होने के बाद मैंने एक नजदीकी व्यक्ति से पूछा- क्या आप उस महिला के बारे में जानते हैं जो उस खेत के बिच में बनी झोपड़ी में रहती है?

वह: नहीं सर, मैं नहीं जानता हूँ...

मैं: क्या आप sure हैं?

वह: मैं यहां बचपन से रह रहा हूं और वह झोपड़ी तब से खाली है, उस झोपड़ी में मैंने किसी को भी कभी नहीं देखा है जिसके बारे में आप बात कर रहे हैं। वह ऐसे ही खाली है। लेकिन आप उसके बारे में क्यों पूछ रहे हैं?

एक और शब्द कहे बिना, मैंने अपनी सारी चीजें पैक की, घर के मालिक को सूचित किया कि मैं घर खाली कर रहा हूं। उसे एक महीने का किराया दिया और वह घर, गावं छोड़ कर वहां से चला गया।


मैं वहां लगभग दो सप्ताह तक रहा और मेरा दिमाग बहुत सारी चीजों से धोका खाया हुआ था।

उस घटना के बाद, मैंने कुछ मनोचिकित्सक से परामर्श लिया क्योंकि मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं अपना मानसिक संतुलन खो रहा था। लेकिन रिपोर्ट सामान्य थीं।

दो साल बाद, मैं अभी भी यह समझने में सक्षम नहीं हूं कि वास्तव में वहां मेरे साथ क्या हुआ था ...



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